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आर. डी. नेशनल कॉलेज का चार दिवसीय वार्षिक मीडिया उत्सव कटिंग चाय का 16वां संस्करण संपन्न

 



आर. डी. नेशनल कॉलेज का चार दिवसीय वार्षिक मीडिया उत्सव कटिंग चाय का 16वां संस्करण संपन्न 


मुंबई (प्रे.वि) । आर. डी. नेशनल कॉलेज का चार दिवसीय वार्षिक मीडिया उत्सव कटिंग चाई विद्यार्थी, स्टाफ और टीचर्स को चार दिनों के लिए साथ ले आया। कटिंग चाय उत्सव का आयोजन कोर कमेटी ने समन्वयक डॉ. मेघना कोठारी के साथ मिलकर किया था। इस वर्ष कटिंग चाय उत्स्व का टाइटल स्पॉन्सर कल्पवृक्ष था। इस फेस्टिवल में कई कार्यकम थे जिसने श्रोताओं को अंत तक अपनी कुर्सी से बांधे रखा। उत्सव का पहला दिन उद्घाटन समारोह के साथ शुरू हुआ, जहां कॉलेज के प्रिंसिपल और मुख्य अतिथि, सुश्री सौंदर्या शर्मा और मंजुबेन लोढ़ा जैसे अतिथियों के साथ, छात्रों का स्वागत किया गया और उत्सव शुरू किया गया। इसके बाद रेडियो, आर्ट, स्टॉप मोशन, टेलीप्रॉम्प्टर, और शाम का सबसे अच्छा ईवेट, बैंड जैसे उत्कृष्ट कार्यक्रम हुए। इन आयोजनों ने रिक और मोर्टी, फ्रोडो और गंडालफ, एजेंट जे एंड के जैसे अद्भुत प्रतियोगियों को अपनी प्रतिभा दिखाने और अद्भुत और लुभावनी प्रदर्शन करने का अवसर दिया। उत्सव के दूसरे दिन, प्रतियोगियों ने परिसर में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई, पूरे कॉलेज में उनके पीआर की गूंज और उनके उत्साह ने सभी को अपने साथ थिरकने पर मजबूर कर दिया। बाद में उन्होंने एडिटिंग, ड्रामा, स्टोरीटेलिंग, सोलो माइक और फोटोग्राफी इवेंट्स जैसे ढेरों इवेंट्स में हिस्सा लिया। दिन का समापन एक शानदार फैशन शो के साथ हुआ, जहां प्रतियोगियों ने आकर्षक परिधानों का उपयोग करके अपने दिन का समापन एक शानदार फैशन शो कार्यक्रम के साथ किया। तीसरे दिन की शुरुआत पीआर एंट्री के साथ हुई, जहां हर किसी को अपने जोरदार नारों के जरिए अपनी अनूठी पहचान दिखानी थी। जैसे-जैसे दिन चढ़ता गया, प्रतियोगियों ने मुख्य फिल्म, पैरोडी मार्केटिंग, विज्ञापन, खोजी पत्रकारिता और जजमेंट डे जैसे विभिन्न आयोजनों में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करना शुरू कर दिया। मुख्य फिल्म, खोजी पत्रकारिता, जजमेंट डे जैसी प्रतियोगिताओं ने प्रतियोगियों को गहराई तक जाने और अपनी प्रतिभा को सम्मोहक तरीके से प्रस्तुत करने में मदद की। शाम का मुख्य आकर्षण डांस इवेंट था। शाम के जज शांतनु माहेश्वरी, मेल्विन लुइस और पालकी मल्होत्रा ​​ने इस कार्यक्रम पर अच्छा प्रभाव डाला। प्रत्येक टीम ने अपने विशिष्ट डांस मूव्स और जुनून का प्रदर्शन किया, जिससे एक उल्लेखनीय और अविस्मरणीय शाम बन गई। अंत में, कटिंग चाय 16 के दिन 3 में बहुत उत्साह था क्योंकि प्रतियोगियों ने उनके लिए नियोजित विभिन्न आयोजनों में अपना ए-गेम लाया। कटिंग चाई 2023 का समापन एक भव्य समारोह था, जिसमें प्रतियोगियों और दर्शकों को 6 फीट की ट्रॉफी के विजेता की घोषणा का बेसब्री से इंतजार था। टॉप कोर ने इस कार्यक्रम की मेजबानी की, और संगीत कलाकार प्रतीक गांधी ने अपने हिट एकल के 30 मिनट के सुंदर खंड के साथ मंच पर प्रदर्शन किया। कटिंग चाई कोर कमिटी वीडियो और आफ्टरमूवी को अच्छी प्रतिक्रिया मिली जो समिति और इस उत्सव को जीवंत करने वाले प्रतियोगियों के लिए एक सराहना वीडियो था। डॉ. मेघना कोठारी द्वारा विभागों के प्रमुखों और अध्यक्षों को टी केटल ट्रॉफी से सम्मानित किया गया। मेलफिकेंट और ऑरोरा, रिक और मोर्टी, गंडालफ और फ्रोडो, जैडिस और गिन्नरब्रिक, और कई अन्य प्रतियोगियों को उनकी अविश्वसनीय प्रतिभा और उत्साह के लिए पुरस्कार प्राप्त करने के साथ प्रतियोगियों के लिए पुरस्कार वितरण सबसे प्रत्याशित खंड था। रिक और मोर्टी कटिंग चाई 16 के विजेता के रूप में उभरे, उसके बाद गैंडालफ और फ्रोडो और जेडिस और गिन्नरब्रिक क्रमशः पहले और दूसरे रनर-अप रहे। इस उत्सव का समापन भावनात्मक उद्वेलन और इस भावना के साथ हुआ कि यह वास्तव में वर्ष का सबसे अच्छा उत्सव था।

आर. डी. नेशनल कॉलेज के वार्षिक मीडिया उत्सव कटिंग चाय का 16वां संस्करण 20 से 23 फरवरी तक!

 


आर. डी. नेशनल कॉलेज के वार्षिक मीडिया उत्सव कटिंग चाय का 16वां संस्करण 20 से 23 फरवरी तक!


मुंबई। मुंबई के बांद्रा स्थित आर. डी. नेशनल कॉलेज द्वारा पूरे जोश और उमंग के साथ उनके मीडिया फेस्टिवल 'कटिंग चाय' के 16वें संस्करण की घोषणा कर दी गई हैं। इस चार दिवसीय उत्सव का आयोजन आर. डी. नेशनल कॉलेज में 20 से 23 फरवरी 2023 तक धूम- धाम के साथ किया गया हैं जिसमें विद्यार्थी 18 प्रतियोगताओं में अपनी कला का प्रदर्शन कर अपने आप को सिद्ध करेंगे. 


यह प्रतियोगिताएं मीडिया इंडस्ट्री के हर पहलू को दर्शाएंगी, जैसे कि फिल्म, टेलीविज़न, डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता. बी.ए.एम.एम.सी की समन्वयक  डॉ. मेघना कोठारी का यह मानना है कि अगर आप में विश्वास है तो ब्रम्हांड आपके पक्ष में सब कुछ ले आएगा. यही विश्वास कटिंग चाय के 16वें वर्ष की थीम को जन्म देता है। जो रहस्यमय और चकित करते विरोधी विशेषताओं वाले राज्यों को अलग तरीके से प्रस्तुत करता है और जिसे नाम दिया गया है "चाइमेंशनल पैराडॉक्स."।

यह उत्सव छात्रों को अपनी कला का प्रदर्शन करने का एक बेहतरीन मंच प्रदान करता है और साथ ही विद्यार्थिओं, मीडिया जगत में काम कर रहे लोगों और मीडिया में रुचि रखने वाले लोगों को मौका देता है कि वे सब साथ आकर मीडिया के बदलते ट्रेंड, चुनौतियों और उसके समाधान को समझें. मुंबई के करीबन 22 कॉलेज के विद्यार्थी कटिंग चाय में भाग लेकर उसे रोचक व उत्साहपूर्वक बनाएंगे और सुनिश्चित करेंगे कि यह मीडिया को समर्पित भव्य समारोह हर किसी को भाये. 


कटिंग चाय में हर क्षेत्र के लिए कुछ न कुछ है जिसमें टैलिप्राम्प्टर, डैमेज कंट्रोल व इनवेस्टिगेटिव जर्नलिज्म जैसी अनोखी प्रतियोगताओं के साथ-साथ फिल्म मेकिंग, डांस, फैशन शो, बैंड व ड्रामा जैसी मुख्य प्रतियोगिताएं भी हैं. यह सारी प्रतियोगिताएं विद्यार्थिओं को अपने कम्फर्ट जोन से बाहर आने के लिए प्रोत्साहित करेंगी और साथ ही उन्हें मीडिया के विभिन्न क्षेत्रों जैसे मूवी मेकिंग, एडवरटाइजिंग व जर्नलिज्म के बारे में काम आने वाली चीज़ें सिखाएंगी. 


इन प्रतियोगिताओं में भाग ले रहे विद्यार्थिओं के पास मीडिया इंडस्ट्री में काम कर रहे अनुभवी लोगों से बात करने का और उनसे सीखने का सुनहरा अवसर होगा. फेस्टिवल में आने वाले जज का पैनल इंडस्ट्री में अच्छा काम कर रहे और जाने-माने एक्सपर्ट्स का समूह होगा जो अपने अनुभव से केवल और केवल प्रतिभागियों की प्रतिभा के आधार पर अपना सुझाव देंगे. कटिंग चाय फेस्टिवल में फोटोग्राफी,  एडिटिंग, स्टोरीटेलिंग व डबिंग जैसी प्रतियोगिताओं को भी जगह दी गयी है. यह सारी प्रतियोगिताएँ उभरते कलाकारों को अपनी कला प्रदर्शित करने के लिए एक मंच प्रदान करती हैं और साथ ही  दर्शकों को नया व उत्साहित कर देने वाला मनोरंजन देती  हैं।



 

के.सी. कॉलेज के वार्षिक सांस्कृतिक उत्सव किरण का शुभारंभ

 

के.सी. कॉलेज के वार्षिक सांस्कृतिक उत्सव किरण का शुभारंभ

मुंबई (प्रे.वि) । मुंबई के प्रसिद्ध किशिनचंद चेलाराम  (के.सी) कॉलेज के वार्षिक सांस्कृतिक इंटर कॉलेज उत्सव 'किरण 2022' का शुभारंभ शनिवार दिनांक 22 जनवरी को हुआ जोकी गुरुवार दिनांक 27 जनवरी तक जारी रहेगा। छह दिनों तक चलने वाले उक्त उत्सव में किरण, किरण ब्लिट्जक्रीग तथा किरण जूल के तहत के.सी कॉलेज में विभिन्न डिपार्टमेंट के विद्यार्थियों द्वारा कई कार्यक्रमों के आयोजन किए गए है। 

कल्पना कीजिये एक ऐसी जगह की जो न सिर्फ भौतिक बंधनों से परे हो बल्कि मानवीय बंधनों से भी। किरण की वर्ष 2021 - 22 की थीम ओडीसी टू द इनफिनिट ( Odyssey to the infinite ) - एक असीम दुनिया के रास्ते की खोज । शनिवार दिनांक 22 जनवरी को के. सी. कॉलेज के वार्षिक सांस्कृतिक उत्सव किरण का अनावरण हुआ। सभी कोरोना नियमों का पालन करते हुए शुभारंभ कार्यक्रम का आयोजन किया गया था । कार्यक्रम को और भी भव्य बनाने हेतु एचएसएनसी यूनिवर्सिटी के ट्रस्टी और प्रोवोस्ट डॉ निरंजन हीरानंदानी, एचएसएनसी यूनिवर्सिटी के कुलपति और के.सी कॉलेज की प्रिंसिपल डॉ हेमलता बागला, के.सी कॉलेज की सांस्कृतिक निदेशक श्रीमती नीता दाम और वाइस प्रिंसिपल डॉ. शालिनी सिन्हा, श्री जस्टिन नायगन, श्री स्माराजीत पाधी, श्री दिलीप रामलिखानी सहित अन्य उपस्थित गणमान्यों ने दीप प्रज्ज्वलित किया। उक्त अवसर पर किरण ब्लिट्जक्रिग की संयोजक डॉ मंजूला श्रीनिवास, किरण जूल की संयोजक श्रीमती  रितिका पाठक, किरण सिस्टेमेटिक चाओस की संयोजक डॉ राखी गुप्ता, किरण फिएस्त्रों की संयोजक श्रीमती गीता ब्रिजवालनी कॉर्डिनेटर श्रीमती तृप्ती मोरे, श्रीमती सुमा नायर, डॉ चारूलता चतुर्वेदी भी उपास्थि थे। जिसके बाद के.सी. कॉलेज की प्राचार्या डॉ. हेमलता बगला ने अपने उत्साहवर्धक शब्दों से विद्यार्थीओं के भीतर एक जोश भरने का कार्य किया । उन्होंने उत्सव के आयोजन पर सभी कमिटी के सदस्यों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की खासकर सांस्कृतिक निदेशक नीता दाम को शुभकामनाएं दी कि उन्होंने सभी विद्यार्थियों का मार्गदर्शन और नेतृत्व बड़े ही बेहतरीन ढंग से किया । किरण के हर विभाग की कोर कमेटी को मंच पर बुलाया गया । चेयरपर्सन रुखशीन संजना, वीसीपी किरण द फेस्ट-निशांत सलियन, देवांश चौहान, आर्या वाघ, वीसीपी ब्लिट्जक्रेग- कृतार्थ पटनायक, वीसीपी जूल- प्रीतिश राव, वीसीपी सिस्टेमैटिक कैओस- अनुराग पांडे, वीसीपी फिएस्ट्रॉन- कनक नवलकर। 

जिसके बाद एचएसएनसी यूनिवर्सिटी के ट्रस्टी और प्रोवोस्ट डॉ. निरंजन हीरानंदानी ने कॉलेज उत्सवों की विविधता पर अपने विचार साझा करके दर्शकों को प्रेरित किया, उन्होंने उत्सव में भाग लेने वाले सभी लोगों को बधाई दी और उन्हें शानदार समय बिताने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने किरण को छात्रों के बीच आशा की किरण के रूप में वर्णित किया जो परिसर में आशावाद फैलाती है।

इस कार्यक्रम को एक शास्त्रीय और समकालीन नृत्य प्रदर्शन के साथ आगे बढ़ाया गया, जिसके बाद किरण- द मूवी में ब्लिट्जक्रेग, जूल, सिस्टेमैटिक कैओस, फिएस्ट्रॉन और किरण द फेस्ट जैसे विभिन्न विभागीय उत्सवों को दर्शाया गया।

डॉ. हेमलता बागला और डॉ. निरंजन हीरानंदानी ने अन्य उप प्रधानाचार्यों और उनके वीसीपी के साथ संबंधित उत्सवों के बैनर का अनावरण किया।

मुंबई लोकल में 15 अगस्त से आमजनों को यात्रा की अनुमति

 

मुंबई लोकल में 15 अगस्त से आमजनों को यात्रा की अनुमति 

- वैक्सीन के दोनों डोज ले चुके लोगों को ही मिलेगी छूट 

मुंबई। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने रविवार रात ८ बजे फेसबुक लाइव के माध्यम से जनता से संवाद साधा. इस संवाद में बड़ी घोषणा करते हुए मुख्यमंत्री ठाकरे ने कहा कि 15 अगस्त से मुंबई लोकल ट्रेन आम यात्रियों के लिए शुरू हो जाएगी. मगर मुंबई लोकल में उन लोगों को इजाजत दी जाएगी जिन्होंने वैक्सीन के दोनों डोज ले लिए हैं. यानि दो डोज ले चुके लोग 15 अगस्त से मुंबई लोकल के पास और टिकट लेने के हकदार होंगे. सीएम ठाकरे ने अपने संवाद की शुरुआत नीरज चोपड़ा के गोल्ड मेडल जीतने से की. उन्होंने कहा कि नीरज चोपड़ा पर हमें अभिमान है. बाकी पदक विजेताओं की भी उन्होंने प्रशंसा की. उन्होंने कहा कि नीरज चोपड़ा और अन्य पदक विजेताओं ने देश का मान बढ़ाया. मुख्यमंत्री ठाकरे ने कोरोना संकट के बारे में कहा कि कोरोना की लहर आ रही है, जा रही है. जैसा सोचा था वैसा हुआ नहीं है. कोरोना का संकट पूरी तरह से जा नहीं रहा है. कोरोना का संकट और कितने दिन रहेगा कहना मुश्किल है. 

 उन्होंने कहा कि राज्य में कोरोना के साथ प्राकृतिक आपदा का संकट भी आया. कुछ दिनों पहले सिक्किम के मुख्यमंत्री मुझ से मिलने आए थे. उन्होंने बताया कि अब सिक्किम में भी चट्टानें खिसकने की घटनाएं शुरू हो गई हैं. बरसात और बाढ़ के कहर में प्रशासनिक तंत्र ने अच्छा काम किया. 4 लाख से ज्यादा लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया गया. हमने बाढ़ग्रस्तों के लिए 11500 करोड़ की मदद राशि का नियोजन किया है. इस बात का संतोष है कि बहुत अधिक तादाद में जानें बचाई जा सकीं. हमने बाढ़ग्रस्तों को अपने हाल पर नहीं छोड़ा. 50 हजार लोगों को रहने की सुविधा मुहैया करवाई. 

- वैक्सीन देने का रिकॉर्ड बनाया

मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा कि हमने एक दिन में 8 लाख से अधिक लोगों को वैक्सीन देने का रिकॉर्ड बनाया. हम एक दिन में 10-12 लाख लोगों को वैकसीन दे सकते हैं. लेकिन जब तक वैक्सीनेशन पूरी तरह से नहीं हो जाता तब तक कोरोना के नियमों का सख्ती से पालन जरूरी है. महाराष्ट्र में कोरोना का संकट पूरी तरह से गया नहीं है, लेकिन इसकी दहशत खत्म होना जरूरी है. हमने आगे आने वाली हर संभावित स्थिति का ध्यान रखते हुए तैयारी कर रखी है. पुणे, अहमदनगर, कोल्हापुर, बीड जिलों में प्रतिदिन कोरोना के 500 से 900 केस रोज आ रहे हैं. इसलिए यहां कोरोना को लेकर अतिरिक्त सावधानी रखनी जरूरी है. सिंधुदुर्ग, रत्नागिरि, सांगली, रायगढ़ जैसे बाढ़ग्रस्त 6 जिलों में कोरोना का खतरा बहुत अधिक है.

चलती ट्रेन से पत्नी को पति ने मारा धक्का, महिला की मौत


चलती ट्रेन से पत्नी को पति ने मारा धक्का, महिला की मौत

- दो महीने पहले हुई थी शादी

मुंबई। मुंबई में 26 साल की एक महिला जब अपने पति के साथ लोकल ट्रेन में सफर कर रही थी तब उसके पति द्वारा ट्रेन से धक्का देने के कारण उसकी दर्दनाक मौत हो गई. महिला के पति पर आरोप है कि उसने चलती लोकल ट्रेन से महिला को तब धक्का मार दिया जब वो दरवाजे पर खड़ी थी. रेल पुलिस ने गुरुवार को बताया कि ये घटना सोमवार दोपहर की है. महिला के पति ने चेंबूर और गोवंडी रेलवे स्टेशन के बीच महिला को चलती ट्रेन से धक्का मार दिया, जिससे उसकी मौत हो गई. पुलिस ने महिला के पति को गिरफ्तार कर लिया है. रेलवे पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि ''31 साल का आरोपी पति और पीड़ित महिला दोनों ही मजदूर हैं और दोनों मानखुर्द क्षेत्र में रहते हैं. दो महीने पहले ही दोनों की शादी हुई थी. सोमवार के दिन वे दोनों मुंबई की लोकल ट्रेन से सफर कर रहे थे, दोनों के साथ महिला की 7 साल की बच्ची भी थी जो उसके पिछले पति से हुई थी. जैसे ही महिला दरवाजे की ओर कुछ झुकी, उसके पति ने उसे जानबूझकर अपनी बाहों से छोड़ दिया. जिसके कारण वो महिला चलती ट्रेन से ट्रेक पर जा गिरी.'' इसके बाद जब ट्रेन गोवंडी स्टेशन पर रुकी, साथ में यात्रा कर रही एक महिला, जिसने आरोपी पति को जानबूझकर महिला को धक्का मारते हुए देखा था, उसने रेलवे पुलिस को इस घटना की जानकारी दी जिसके बाद पुलिस ने उसी वक्त महिला के पति को हिरासत में लेकर उसे घटना स्थल के पास ले गई जहां उसने महिला को धक्का दिया था. वहां जाने पर पुलिस को महिला बेहोशी का हालत में मिली. उक्त महिला को पुलिस तुरंत एक नजदीकी अस्पताल ले गई, जहां डॉक्टरों ने महिला को मृत घोषित कर दिया. पुलिस ने आरोपी पति को गिरफ्तार कर संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली है. पुलिस ने महिला की 7 साल की बच्ची को उसके परिजनों को सौंप दिया और आगे की जांच कर रही है.

थाने के चक्‍कर काटता रहा लापता व्‍यक्ति का परिवार, पुलिस ने करा दिया अंतिम संस्‍कार

 

थाने के चक्‍कर काटता रहा लापता व्‍यक्ति का परिवार, पुलिस ने करा दिया अंतिम संस्‍कार

मीरा रोड। सटे मीरा रोड में पुलिस की एक बड़ी लापरवाही  सामने आई है. खबर है कि 20 सितंबर को लापता हुए एक वृद्ध व्‍यक्ति का परिवार उसे तलाशने के लिए लगातार अस्‍पतालों और पुलिस स्‍टेशन के चक्‍कर काटता रहा, लेकिन पुलिस की ओर से उसका अंतिम संस्‍कार अज्ञात में पंचनामा करके कर दिया गया. जब इस बारे में परिवार को जानकारी हुई तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई. दरअसल मीरा रोड स्थित सृष्टि अपार्टमेंट के रहने वाले 63 साल के ग्‍लेन पेरेरा 20 सितंबर को लापता हो गए थे. अगले दिन कशीमीरा पुलिस स्‍टेशन के पुलिसकर्मियों को इलाके में एक शव मिला. उसे उन्‍होंने बिना किसी जांच के अज्ञात में पंचनामा भरकर भायंदर के सरकारी अस्‍पताल में भेज दिया. एक अक्‍टूबर को ग्‍लेन की पत्‍नी रीटा ने कशीमीरा थाने में ही ग्‍लेन की लापता रिपोर्ट दर्ज कराई. उन्‍होंने पुलिस को जानकारी दी कि उनके पति को शराब पीने की लत है. वह कई दिनों तक घर से दूर रहते हैं. लेकिन पिछले 10 दिनों से उनसे संपर्क न हो पाने के कारण पुलिस में लापता की रिपोर्ट दर्ज करानी पड़ी. पुलिस ने उनसे अस्‍पतालों में ग्‍लेन को खोजने के लिए कहा. इसके बाद परिवार ने सभी अस्‍पतालों के कई चक्‍कर लगाए. लेकिन कहीं ग्‍लेन का सुराग नहीं लगा. ग्‍लेन की बेटी यूरिका के अनुसार पुलिस ने उन लोगों से एक शव मिलने की बात छुपाई थी. वो शव 21 अक्‍टूबर को सृष्टि अपार्टमेंट के पास ही मिला था. परिवार हफ्ते में दो बार थाने के चक्‍कर लगाता था. इसके बाद सामाजिक कार्यकर्ता अब्राहम मथाई ने मामले में दखल दिया और 4 दिसंबर को परिवार ने मीरा-भायंदर और वसई-विरार के पुलिस कमिश्नर से मुलाकात की. इसके बाद गुत्‍थी सुलझी. इसके बाद पुलिस ने थाने में फोन मिलाकर उनसे उस अज्ञात शव की फोटो मांगी. दोनों फोटो का मिलान किया गया तो परिवार ने उस अज्ञात शव की पहचान ग्‍लेन के शव के रूप में की.

'तेजस्विनी’ टिकट चेकिंग स्कॉड बनी मुंबई मंडल की शान

 

‘तेजस्विनी’ टिकट चेकिंग स्कॉड बनी मुंबई मंडल की शान

मुंबई। मध्य रेल के मुंबई मंडल द्वारा 17 अगस्त, 2001 को लेडीज टिकट चेकिंग स्क्वाड ‘तेजस्विनी’ का गठन किया गया, ताकि विशेष रूप से महिलाओं के डिब्बों में टिकट चेकिंग और अवैध यात्रा करने वालों का पता लगाकर उनसे दण्ड वसूला जाये. इस विशेष लेडीज स्क्वाड में विभिन्न स्टेशनों के लेडीज टीसी स्टाफ को शामिल किया गया है। 

मध्य रेलवे के जनसंपर्क विभाग के अनुसार ‘तेजस्विनी’ दस्तों का गठन महिला टीटीई को बढ़ावा देना है ताकि महिला यात्रियों को किसी तरह की समस्या ना होने पाये. वहीं दूसरी ओर ‘तेजस्विनी’ दस्ते की महिला कर्मियों ने भी अपनी काबलियत को सिद्ध करते हुए रिकॉर्ड जुर्माना वसूली की है. वित्तीय वर्ष 2019-2020 के दौरान तेजस्विनी दस्तों के उम्दा प्रदर्शन से जुर्माने के रूप में 24.69 प्रतिशत का सुधार हुआ यानी रेलवे को 3.43 करोड़ रुपये जुर्माने के रूप में अधिक मिले. जबकि पिछले वित्त वर्ष में 2.75 करोड़ रुपये की जुर्माना वसूली हुई थी. पिछले वर्ष की तुलना में जुर्मान के मामलों में 5.97 प्रतिशत (पिछले वित्त वर्ष में 1.17 लाख के मुकाबले 1.24 लाख) बढ़ोतरी हुई और सितंबर से नवंबर 2020 के दौरान तेजस्विनी दस्तों ने 5,119 मामले पकड़े जिनसे 13,18,991 रूपये जुर्माने के रूप में वसूल किए। 

जनसंपर्क विभाग के अनुसार नब्बे के दशक के उत्तरार्ध में, टिकट चेकिंग के क्षेत्र में लेडीज स्टाफ को ड्यूटी करते देखना एक बहुत ही दुर्लभ दृश्य था. भारतीय रेलवे द्वारा महिला सशक्तीकरण की दिशा में कदम उठाने के बाद, यह परिदृश्य बदल गया है और महिला टीसी को टिकट चेकिंग श्रेणी में भी महत्वपूर्ण जवाबदारी सौंपी गयी और उन्हें मुंबई मंडल के विभिन्न स्टेशनों पर तैनात किया गया। उपनगरीय ट्रेनों में टिकट चेकिंग कर्तव्यों का पालन करना, पुरुष टिकट चेकर्स के लिए भी एक चुनौतीपूर्ण काम है, लेकिन ‘तेजस्विनी’ के रूप में प्रशासन के इस कदम से प्रभावशाली परिणाम सामने आए, क्योंकि तेजस्विनी स्क्वाड ने टिकट यात्रियों की पहचान करने में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है, जिससे जुर्माने के रूप रेलवे को अच्छी आय हुई हुई है। इसके अलावा, हॉकर्स और भिखारियों आदि की समस्या भी लोकल ट्रेनों के लेडीज डिब्बों में काफी हद तक कम हुई है। जनसंपर्क विभाग के अनुसार स्पोर्ट्स बैकग्राउंड वाली कई महिला टिकट चेकिंग स्टाफ तेजस्विनी स्पेशल स्क्वाड का हिस्सा हैं और दोनों पेशेवर कर्तव्यों के साथ-साथ खेल में भी उत्कृष्टता का प्रदर्शन कर वे रेलवे का नाम रोशन कर रही है। तेजस्विनी दस्तों के काम को विभिन्न अवसरों पर मान्यता दी गई थी. वर्तमान कोविड महामारी के दौरान, लेडी टीसी भी आगे आई और नोवल कोरोनवायरस (कोविड-19) के खिलाफ भारतीय रेलवे की सामूहिक लड़ाई का हिस्सा बनी।

मुंबई की लोकल ट्रेनों में अब बच्चों को नो एंट्री

 मुंबई की लोकल ट्रेनों में अब बच्चों को नो एंट्री

मुंबई। मुंबई में कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए रेलवे प्रशासन ने मुंबई की लोकल ट्रेनों में बच्चों की नो एंट्री कर दी है औ महिलाओं से अपने बच्चों के साथ घर में ही सुरक्षित रहने की अपील भी की है. यानि अब महिलाओं के साथ बच्चे यात्रा नहीं कर पाएंगे. मिली जानकारी के अनुसार रेलवे द्वारा निर्धारित समय के नियमों के आधार पर मुंबई की लोकल ट्रेनों में सिर्फ महिलाओं को यात्रा की अनुमति है. मुंबई की लोकल ट्रेनों में बच्चों को सफर की इजाजत नहीं है. इसका सीधा मतलब ये है कि महिलाएं अब अपने बच्चों को साथ लेकर मुंबई लोकल में सफर नहीं कर सकेंगी. रेलवे ने जानकारी देते हुए कहा है कि सभी उपनगरीय स्टेशनों के एंट्री गेट पर आरपीएफ के जवान इसकी निगरानी करेंगे और बच्चों के साथ आ रही महिलाओं को रोकेंगे. गौरतलब हो कि रेल मंत्रालय ने 21 अक्टूबर से मुंबई की लोकल ट्रेनों में महिलाओं को सफर की इजाजत दी थी. रेलवे के नियमानुसार सफर के दौरान रेलवे के सुरक्षा नियमों का पालन करना और सोशल डिस्टेंसिंग के साथ मास्क लगाना भी अनिवार्य है. मुंबई लोकल में महिलाओं को सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक और शाम 7 बजे से देर रात तक यात्रा करने की छूट देने की जानकारी स्वयं रेल मंत्री पीयूष गोयल ने  ट्वीट करके दी थी.

31 दिसंबर तक मुंबई में नहीं खुलेंगे स्कूल

 

31 दिसंबर तक मुंबई में नहीं खुलेंगे स्कूल

मुंबई। कोरोना वायरस से सर्वाधिक प्रभावित राज्य महाराष्ट्र में स्कूल-कॉलेज को लेकर मुंबई महानगरपालिका ने बड़ा फैसला लिया है. मनपा की ओर से जारी नए आदेश के मुताबिक, अब मुंबई में आगामी 31 दिसंबर तक स्कूल नहीं खोले जाएंगे. स्कूल पहले 23 नवंबर को फिर से खुलने वाले थे, लेकिन अब सभी स्कूल 31 दिसंबर तक बंद रहेंगे. मुंबई की महापौर किशोरी पेडनेकर ने कहा कि, "मुंबई में कोरोना के बढ़ते मामलों के मद्देनजर यह निर्णय लिया गया है. 23 नवंबर को स्कूल अब नहीं खुलेंगे." स्कूलों को 23 नवंबर से नहीं खोलने के फैसले पर मनपा के अधिकारियों ने कहा है कि मुंबई में कोरोना महामारी की संभावित दूसरी लहर के मद्देनजर यह निर्णय लिया गया है. बता दें कि २३ मार्च को लगे लॉकडाउन के बाद से ही शिक्षण संस्थान बंद पड़े हैं. उधर महाराष्ट्र में कोरोना वायरस का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है. आंकड़े बताते हैं कि राज्य में अभी भी एक्टिव केस की संख्या 79,738 है. यहां अब तक कोविड 19 के 17 लाख 63 हजार 55 मामले मिल चुके हैं, जिसमें से 46,356 लोगों की मौत हो चुकी है. राज्य में सबसे ज्यादा प्रभावित जिला पुणे है. यहां अब तक 3 लाख 44 हजार 2 मरीज मिल चुके हैं, जिसमें से 7 हजार से ज्यादा लोग अपनी जान गंवा चुके हैं. वहीं 3 लाख 19 हजार 998 लोग स्वस्थ्य होकर घर लौट चुके हैं.

महाराष्ट्र में कोरोना की दूसरी लहर की आशंका, सरकार ने जांच बढ़ाने को कहा

 महाराष्ट्र में कोरोना की दूसरी लहर की आशंका, सरकार ने जांच बढ़ाने को कहा

मुंबई। महाराष्ट्र सरकार ने कोरोना वायरस संक्रमण की दूसरी लहर की आशंका जताते हुए अधिकारियों से कहा है कि वे अभी निगरानी को कम न करें और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएं. राज्य के स्वास्थ्य सेवा निदेशालय द्वारा पिछले हफ्ते जारी एक परिपत्र-सह-परामर्श में कहा गया है कि अगले साल जनवरी-फरवरी महीने में कोरोना महामारी की दूसरी लहर की आशंका है. उसमें संबंधित अधिकारियों से राज्य में कोविड-19 जांच बढ़ाने के लिए कहा गया है. उसमें अधिकारियों से संभावित 'सुपर-स्प्रेडर्स' की पहचान करने के लिए कहा है, जिनमें किराने की दुकान चलाने वाले, घर-घर सेवाएं प्रदान करने वाले, परिवहन क्षेत्र में काम करने वाले लोग, मजदूर, हाउसिंग सोसाइटी में तैनात सुरक्षा गार्ड, पुलिस और होमगार्ड इत्यादि शामिल हैं. परिपत्र में कहा गया, 'कई यूरोपीय देश कोविड-19 की दूसरी लहर का सामना कर रहे हैं. इस आधार पर आशंका है कि हमें भी जनवरी-फरवरी में दूसरी लहर का सामना करना पड़ सकता है.' राज्य सरकार ने जिला प्रशासनों, नगर निगमों और चिकित्सा अधिकारियों से यह सुनिश्चित करने के लिए कहा है कि प्रयोगशाला जांच में कोई ढिलाई न हो और भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के दिशा निर्देशों के अनुसार सभी जांच की जाए. परिपत्र में अधिकारियों से राज्य के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में फ्लू केंद्रों की मदद से इन्फ्लूएंजा जैसी बीमारी वाले लोगों का सर्वेक्षण जारी रखने के लिए कहा है.


मुंबई में कोरोना संक्रमण कंट्रोल में

 

मुंबई में कोरोना संक्रमण कंट्रोल में

मुंबई। मुंबई महानगरपालिका द्वारा किये जा रहे विशेष प्रयास से मुंबई में कोरोना संक्रमण पूरी तरह से नियंत्रण में आ गया है। यहां अब केवल १० हजार एक्टिव मरीज हैं। विशेष रूप से इन एक्टिव मरीजों में ६ हजार मरीज पॉजिटिव हैं और इनमें कोरोना का कोई भी लक्षण नहीं पाया गया है। इन मरीजों का स्वास्थ्य ठीक है। इसके अलावा ३,२५० मरीजों में कोरोना के हल्के लक्षण पाए गए हैं और वे भी खतरे से बाहर हैं। जबकि ७५७ मरीजों की हालत नाजुक है और इनका इलाज विभिन्न अस्पतालों में चल रहा है। आपको बता दें कि मुंबई में कोरोना वायरस के संक्रमण को नियंत्रित करने के लिए मनपा द्वारा चलाए गए अभियान को सफलता मिल रही है। इसके चलते मरीजों की रिकवरी रेट ९१ प्रतिशत पर पहुंच गया है। मरीजों की वृद्धि दर भी ०.२९ प्रतिशत से नीचे आ गई है। मनपा के माध्यम से १५ सितंबर से ‘मेरा परिवार, मेरी जिम्मेदारी’ अभियान चलाया गया। इस अभियान को अच्छा प्रतिसाद मिला है। इसके अलावा मुफ्त जांच के लिए शुरू किए गए २४४ केंद्र और जांच के बाद की गई प्रभावी कार्यवाही से मुंबई में मरीजों की संख्या नियंत्रण में आ गई है। अभी तक २ लाख ४४ हजार ६५९ मरीज कोरोना मुक्त हो चुके हैं।



जब चेन स्नेचर को पकड़ने चलती बस से कूद गई लड़की

 



जब चेन स्नेचर को पकड़ने चलती बस से कूद गई लड़की

मुंबई। मुंबई में एक चेन स्नेचर को पकड़ने के लिए एक लड़की तेज रफ्तार डबल डेकर बस से नीचे कूद गई और ड्यूटी पर तैनात एक ट्रैफिक पुलिस के सिपाही  की मदद से ऑटो रिक्शा में भागने की कोशिश कर रहे उक्त चेन स्नेचर को पकड़ ली. घटना शुक्रवार सुबह अंधेरी-कुर्ला रोड पर चकाला परिसर की है. इस सोने की चेन की कीमत 40,000 रुपये है। मिली जानकारी के अनुसार संजना बागुल (19) नाम की लड़की एक निजी कंपनी में काम करती हैं और वो हर रोज बस नंबर 332 द्वारा इस मार्ग पर यात्रा करती है। संजना कहती हैं कि आरोपी मुकेश गायकवाड़ (34) उसके पीछे खड़ा था. जब “सिग्नल पास करने के बाद बस थोड़ी धीमी हुई मैंने यह महसूस किया कि भीड़ का फायदा उठाकर आरोपी मेरी चेन लेकर भाग रहा था। जिसके बाद वो भी चलती बस से कूद गई और उसका पीछा किया। उसने चिल्लाते हुए आस-पास के राहगीरों को भी सतर्क किया. उस समय चकाला में ड्यूटी पर तैनात एक ट्रैफिक पुलिस के सिपाही ने आरोपी गायकवाड़ का पीछा किया और उसे रिक्शा में पकड़ लिया। 

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मुंबई में जब चलती बेस्ट की बस में ड्राइवर को आया हार्ट अटैक

   

- ट्रैफिक सिग्नल से टकराई बस, सुरक्षित रहे यात्री

मुंबई। मंगलवार सुबह मुंबई के चेंबूर इलाके में बेस्ट के एक बस चालक को दिल का दौरा पड़ने के बाद वाहन अनियंत्रित होकर सिग्नल पोस्ट से टकरा गया. हालांकि राहत की बात ये रही कि इस घटना में सभी नौ यात्री सुरक्षित बच गए. एक अधिकारी ने बताया कि बेस्ट की रूट नंबर 381 की बस चेंबूर से टाटा पावर हाउस  जा रही थी और सुबह करीब 11 बजे बसंत सिनेमा के निकट बस ड्राइवर हरिदास पाटिल को दिल का दौरा पड़ा, जिसके बाद बस अनियंत्रित हो गई. बृहन्मुंबई बिजली आपूर्ति एवं परिवहन (बेस्ट) के अधिकारी के अनुसार बस में उस समय एक पुलिसकर्मी समेत नौ यात्री सवार थे. उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मी ने एक पुलिस वाहन को बुलाया और चालक को विद्याविहार के राजावाड़ी अस्पताल में भर्ती कराया. चेंबूर पुलिस के अनुसार बस जब चेंबूर के बसंत पार्क सिग्नल पर पहुंची तब बस ड्राइवर पाटिल को तेज हार्ट अटैक आया. अटैक के चलते पाटिल का नियंत्रण बस की स्टियरिंग से हट गया और बस ट्रैफिक सिग्नल से टकरा गई. इस हादसे में बस का बाईं तरफ का शीशा क्षतिग्रस्त हुआ है. चेंबूर पुलिस इस पूरे मामले की जांच कर रही है. बेस्ट के अधिकारी ने कहा, "सभी यात्री सुरक्षित हैं. बस चालक का इलाज राजावाड़ी अस्पताल में चल रहा है." ड्राइवर को होश आ गया है और वह अब पहले से बेहतर महसूस कर रहे हैं.


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गरीब बच्चे भी ले सकेंगे ऑनलाइन क्लास, फ्री में शुरू हुई मोबाइल फोन लाइब्रेरी,कोरोना अपडेट- उल्हासनगर, ठाणे, कल्याण डोंबिवली, अंबरनाथ तथा बदलापुर शहर



गरीब बच्चे भी ले सकेंगे ऑनलाइन क्लास, फ्री में शुरू हुई मोबाइल फोन लाइब्रेरी

मुंबई। कोविड-19 महामारी ने शिक्षा के क्षेत्र में संकट पैदा कर दिया है. लेकिन इस संकट से निपटने के लिए ऑनलाइन कक्षाओं को बढ़ावा दिया जा रहा है. वहीं आज भी देश में ऐसे कई बच्चे हैं जिनके माता- पिता गरीबी के कारण फोन और लैपटॉप की सुविधा नहीं दे सकते हैं.  ऐसे में उन आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों को लैपटॉप और स्मार्टफोन नहीं मिलने के कारण काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.जिसकी वजह से उनकी पढ़ाई रुक रही है. इन्हीं बातों को ध्यान में रखते हुए, मुंबई म्युनिसिपल एंड प्राइवेट उर्दू टीचर्स यूनियन ने मुंबई में ऐसे बच्चों के लिए एक मोबाइल फोन लाइब्रेरी शुरू की है. जो बिल्कुल फ्री है. यह लाइब्रेरी मुंबई के इमामबाड़ा क्षेत्र में कक्षा 1 से 10 तक के लिए शुरू की गई है. आर्थिक रूप से कमजोर छात्र, जो मोबाइल फोन नहीं खरीद सकते थे, अब 'फ्री डिजिटल ऑनलाइन मोबाइल एजुकेशन लाइब्रेरी' के माध्यम से ऑनलाइन कक्षाओं में भाग ले रहे हैं.  22 छात्रों ने ऑनलाइन कक्षा में हिस्सा लेने के लिए इसमें शामिल हुए हैं. लाइब्रेरी के सेंटर इंचार्ज शाहिना सईद कहती हैं कि, 'कुछ छात्रों के पास या तो मोबाइल फोन नहीं है या उनके परिवार में केवल एक मोबाइल फोन है, इसलिए हमने एक फ्री मोबाइल लाइब्रेरी कक्षा को शुरू करने का विचार किया.' “छात्रों को ऑनलाइन पढ़ाया जा रहा है और उनका सिलेबस पूरा किया जा रहा है. कक्षाएं सुबह 8 से दोपहर 3 बजे तक चलती है. उन्होंने कहा, कोरोनावायरस को ध्यान में रखते हुए सोशल डिस्टेंसिंग के साथ स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) का भी पालन किया जा रहा है. आपको बता दें कि, ये लाइब्रेरी वर्तमान में छात्रों को 10 स्मार्टफोन और मुफ्त वाई-फाई सुविधा प्रदान कर रहा है. बताया गया है कि ऑनलाइन मोबाइल लाइब्रेरी सेंटर की दो और ब्रांच मुंबई के बांद्रा और अँधेरी के साकीनाका इलाके में जल्द ही शुरू होंगी.

उल्हासनगर में मिले कोरोना के ३३ मरीज, आंकड़ा ९८८८     

- स्वस्थ हुए ९०३७ मरीज, एक्टिव मरीज ५२६, रिकवरी रेट ९१.३९ प्रतिशत          

उल्हासनगर (संतोष झा) । उल्हासनगर में सोमवार को कोरोना संक्रमण के ३३ नए मामले सामने आये हैं और १ मरीज की मौत हुई है. मनपा के जनसंपर्क विभाग द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार बीते २४ घंटे के दौरान कोरोना के ३३ मरीज मिले हैं. जबकि रविवार को २९, शनिवार को ३२, शुक्रवार को ३० और गुरुवार को २१ मरीज मिले थे. सोमवार को ३३ नए मरीज मिलने के बाद उल्हासनगर में अब तक कुल ९८८८ लोग कोरोना से संक्रमित हुए हैं. जिसमें बीते २४ घंटे के अंदर ३९ मरीज कोरोना को मात देकर अपने घर जा चुके हैं और उपचार के पश्चात घर वापस लौटने वालों की कुल संख्या ९०३७ तक पहुंच गई है. अभी ५२६ एक्टिव मरीजों का विभिन्न अस्पतालों में उपचार चल रहा है. इस प्रकार यहां रिकवरी रेट ९१.३९ प्रतिशत है. जबकि बीते २४ घंटे में १ मरीज की मौत के बाद अबतक ३२५ लोग अपनी जान गंवा चुके हैं. सोमवार को जो ३३ नए मरीज मिले हैं उनका विवरण इस प्रकार है- कैंप एक से मिले ६ मरीज, कैंप दो से मिले ४ मरीज, कैंप तीन से मिले ७ मरीज, कैंप चार से मिले १२ मरीज तथा कैंप पांच से मिले ४ मरीज.

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ठाणे में सोमवार को मिले कोरोना के २४३ मरीज, मृतकों की संख्या १११०         

ठाणे (रवि टाक)। सोमवार को ठाणे महानगर पालिका क्षेत्र में कोरोना के २४३ नए मामले सामने आये हैं और ६ लोगों की मौत दर्ज की गई है. जबकि रविवार को २६६, शनिवार को ३२७, शुक्रवार को ३५२ और गुरुवार को ३४९ नए मामले सामने आये थे. सोमवार को कोरोना के २४३ नए मामले आने के बाद कुल संक्रमितों की संख्या ४२ हजार ३८१ और मृतकों की संख्या १११० तक पहुंच चुकी है. मनपा के जनसंपर्क विभाग के अनुसार सोमवार तक ३ हजार १९५  लोगों का विभिन्न अस्पतालों में उपचार चल रहा है. वहीं बीते २४ घंटे के दौरान ३८७ लोग उपचार के बाद घर लौटे हैं और इस प्रकार अब तक ३९ हजार ७८८ मरीज उपचार के पश्चात अपने घर लौट चुके हैं और यहां रिकवरी रेट ९०.२ प्रतिशत है. उधर मनपा ने अबतक ४ लाख २६ हजार ७८२ लोगों के जांच करवाए हैं.

केडीएमसी क्षेत्र में मिले कोरोना के २१९मरीज  

- संक्रमितों की संख्या ४७,८९७ मृतकों की संख्या ९६४    

कल्याण (अरविंद मिश्रा)। कल्याण-डोंबिवली महानगर पालिका (केडीएमसी) क्षेत्र में सोमवार को २१९ नए मामले सामने आये हैं तथा ८ लोगों की मौत हुई है. मनपा के जनसंपर्क विभाग से मिली जानकारी के अनुसार सोमवार को केडीएमसी क्षेत्र में २१९ नए मामले आये हैं. जबकि रविवार को २९३, शनिवार को २३८, शुक्रवार को २०८, गुरुवार को २५१ और बुधवार को २७६ पॉजिटिव मरीज पाये गए थे. वहीं सोमवार को कोरोना के २१९ मामले आने के बाद कोरोना मरीजों की संख्या ४७ हजार ८९७ तक पहुंच गई हैं. जबकि बीते २४ घंटे में ८ मरीजों की मौत हुई है। जिससे मृतकों की संख्या ९६४ हो गया है. वर्तमान में २ हजार ६०७ लोगों का उपचार विभिन्न अस्पतालों में चल रहा है. वहीं बीते २४ घंटे में ३५४ मरीज स्वस्थ होकर अपने घर जा चुके हैं. इस प्रकार अबतक ४४ हजार ५३६ मरीज स्वस्थ होकर अपने घर गए हैं. पिछले २४ घंटे में मिले मरीजों का विवरण क्षेत्र के अनुसार इस प्रकार है: कल्याण पूर्व में ३४, कल्याण पश्चिम में ७१, डोंबिवली पूर्व में ५४, डोंबिवली पश्चिम में १९, मांडा टिटवाला में ३५ और मोहना में ५ तथा पिसवली में १ नए मरीज कोरोना संक्रमित पाये गये हैं.

अंबरनाथ में काम हो रहा कोरोना का कहर, मिले २५ पॉजिटव केस, आंकड़ा ७०१९         

- स्वस्थ हुए ६५०८, एक्टिव मरीज २५२, रिकवरी रेट ९२.७१ प्रतिशत                          

अंबरनाथ (संजय राजगुरु) । अंबरनाथ क्षेत्र में कोरोना का प्रकोप धीरे-धीरे कम होता नजर आ रहा है. आंकड़ों पर नजर डालें तो बीते पांच दिनों से आंकड़ों में कमी आ रही है. अंबरनाथ नगरपरिषद के जनसंपर्क विभाग के अनुसार सोमवार को कोरोना के २५ पॉजिटिव मामले सामने आये हैं. जबकि रविवार को २६, शनिवार को ३२, शुक्रवार को ४३, गुरुवार को १६ और बुधवार को ४७ मामले सामने आये थे. वहीं बीते २४ घंटे के दौरान १ मरीज की मौत के बाद अबतक २५९ लोगों की मौत हो चुकी है. हालांकि बेहतर उपचार के चलते यहां एक्टिव मरीजों की संख्या में भी कमी आ रही है और रिकवरी रेट ९२.७१ प्रतिशत है. सोमवार को कोरोना के २५ मामले आने के बाद यहां संक्रमितों की संख्या ७०१९ हो गया है. जिसमें उपचार के पश्चात ६५०८ मरीज स्वस्थ हुए हैं और अभी २५२ लोग विभिन्न अस्पतालों में उपचार करवा रहे हैं. बताया गया है कि नपा प्रशासन द्वारा अब तक २७ हजार ७७९ लोगों के एंटीजन तथा स्वेब टेस्ट किये गए हैं. इनमें ३८ रिपोर्ट आना बांकी है.

बदलापुर में मिले कोरोना के ३२ मरीज, रिकवरी रेट ९५.४७ प्रतिशत   

- आंकड़ा ६९८८, स्वस्थ हुए ६६७२ मरीज, एक्टिव मरीज २२३       

बदलापुर (आर एस वर्मा) । कुलगांव-बदलापुर नपा क्षेत्र में सोमवार को कोरोना संक्रमण के ३२ नए मामले सामने आये हैं. नपा द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया है कि बीते २४ घंटे के दौरान ३२ लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है. जबकि रविवार को ४६, शनिवार को ४४, शुक्रवार को ३०, गुरुवार को ३० और बुधवार को ३५ मरीज मिले थे. सोमवार को ३२ नए मरीज मिलने से यहां कुल संक्रमितों की संख्या ६९८८ हो गई है जिसमें अभी २२३ लोगों का इलाज अलग-अलग अस्पतालों में चल रहा है. उधर उपचार के पश्चात अबतक ६६७२ मरीज स्वस्थ होकर अपने घर जा चुके हैं. यानि स्वस्थ्य होने वाले मरीजों का प्रतिशत ९५.४७ है. जबकि कोरोना की चपेट में आने से मरने वालों की संख्या अबतक ९३ पर पहुंची है. इस बीच शहर में १२० लोग नपा के कवारंटीन में और २०७९ लोग होम कवारंटीन में हैं. वहीं नपा ने आजतक १० हजार ७५६ लोगों के एंटीजन और स्वेब टेस्ट कराए हैं.

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कोरोनाकाल के जाल में फंसी एसटी, 3600 करोड़ से ज्यादा नुकसान


मुंबई। महाराष्ट्र राज्य परिवहन निगम (एसटी) जो वर्षों से भारी आर्थिक नुकसान में चल रही है अब वो कोरोनाकाल के जाल में फंसी है. लॉकडाउन के पहले रोजाना एसटी की आय लगभग 22-23 करोड़ रुपए थी. जो कोरोना के संकटकाल में बंद हो गई है.  खबर है कि पिछले 6 माह में एसटी का 3600 करोड़ से ज्यादा का नुकसान हुआ है. आलम यह है कि अपने कर्मचारियों को वेतन देने के लिए एसटी के पास पैसे नहीं हैं. एसटी के लगभग 98 हजार कर्मचारियों को वेतन नहीं मिल पा रहा है. अगस्त में राज्य सरकार ने एसटी कर्मचारियों के बकाया वेतन व अन्य खर्च के लिए 500 करोड़ रुपए की मदद घोषित दी थी. मनसे एसटी कामगार सेना के अध्यक्ष हरी माली ने कहा कि एसटी महामंडल को संकट से उबारने के लिए 5 हजार करोड़ के पैकेज की आवश्यकता है. राज्य सरकार वरिष्ठ नागरिकों, छात्रों, स्वतंत्रता सेनानियों और अन्य लोगों के लिए किराए पर रियायत के लिए एसटी को सालाना 1,800 करोड़ रुपये का भुगतान करती रही है. यदि यह राशि भी सरकार तत्काल देती है तो कुछ राहत मिल जाएगी. लॉकडाउन के पहले लगभग 16,000 एसटी बसें चलती थीं, जिनसे रोजाना 68 से 70 लाख लोग यात्रा करते थे, इस समय इनकी संख्या मात्र 10 से 12 लाख हो गई है. इससे राजस्व घाटा बढ़ कर 5500 करोड़ रुपये से अधिक हो गया है.

मुंबई की सातों झीलों में जमा हुआ डेढ़ महीने का पानी



मुंबई। जुलाई महीने के पहले हफ्ते में मुंबई में हुई झमाझम बारिश से मुंबई को पानी की आपूर्ति करनेवाली सातों झीलों में तक़रीबन डेढ़ महीने का पानी जमा हो गया है। वर्तमान में इन झीलों में 3,39067 मिलियन लीटर पानी जमा है, जिससे अक्टूबर तक मुंबईकरों को पानी की आसानी से आपूर्ति की जा सकती है। गौरतलब हो कि मुंबई को तानसा, मोडक सागर, तुलसी, विहार, अपर वैतरणा, मध्य वैतरणा और भातसा इन सात झीलों से रोजाना 3,800 मिलियन लीटर पानी की आपूर्ति की जाती है। पिछले वर्ष की तरह इस वर्ष भी जून महीने में झील परिसर में संतोषजनक बारिश नहीं हुई, लेकिन जुलाई महीने के शुरुआत से ही झील परिसरों में अच्छी बारिश रिकॉर्ड की गई है। इसके चलते झीलों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। झील परिसर में इसी तरह अच्छी बारिश होती रही तो जल्द ही झीलों के भरने का क्रम शुरू हो जाएगा। बताया गया है कि वर्तमान में इन झीलों में 3,39,067 मिलियन लीटर पानी जमा है। झीलों में जमा पानी के आंकड़ों का आकलन करें तो आगामी तीन महीने तक यानी 13 अक्टूबर तक मुंबई में पानी की आसानी से आपूर्ति की जा सकती है।

उल्हासनगर क्षेत्र में २२ जुलाई तक बढ़ा लॉक डाउन




जीवनावश्यक वस्तुओं की होम डिलीवरी

उल्हासनगर। उल्हासनगर. उल्हासनगर मनपा क्षेत्र में लगातार कोरोना के मरीजों के मिलने से एक बार फिर मनपा आयुक्त डॉक्टर राजा दयानिधि ने १२ जुलाई की शाम ५ बजे से २२ जुलाई की शाम ५ बजे तक के लिए संपूर्ण लॉक डाउन का आदेश जारी किया है. बता  दें कि इससे पूर्व २ जुलाई की शाम ५ बजे से १२ जुलाई की शाम ५ बजे तक संपूर्ण लॉक डाउन आयुक्त ने लागू किया था लेकिन लगातार कोरोना मरीजों के मिलने से मनपा आयुक्त ने एक बार फिर १० दिनों के लिए संपूर्ण लॉक डाउन का आदेश जारी किया है. इस दौरान पूर्व में जो उन्होंने आदेश जारी किये थे वो पूर्ववत रहेगा. यानि जीवनावश्यक वस्तुओं की होम डिलीवरी सुबह ९ से रात ९ बजे तक जारी रहेगी, शॉपिंग मॉल पूर्णतः बंद रहेंगे. इसके अलावा किराना की दुकानें, सब्जी मार्केट, फल, बेकरी, मछली मार्केट और चिकन की दुकानें बंद रहेंगी. लॉकडाउन के दौरान दूध व डेयरी की दुकानें सुबह ५ से १० बजे तक खुली रहेंगी. मेडिकल स्टोर सुबह ९ से रात ९ बजे तक और अस्पतालों के मेडिकल स्टोर २४ घंटे खोलने की अनुमति दी गई है. आटा चक्की पहले की तरह खुली रहेंगी, जबकि टैक्सी कैब अत्यावश्यक में चालक सहित तीन पैसेंजर, ऑटो रिक्शा में चालक सहित तीन पैसेंजर और आवश्यक काम के लिए दोपहिया को अनुमति दी गई है. इस दौरान नियम का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी. इसके साथ ही सुबह और शाम की सैर करने पर पाबंदी रहेगी और इस पाबंदी को तोड़ने वालों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी. इसी प्रकार घर से बाहर निकलने पर फेस मास्क पहनना अनिवार्य किया गया है और जो मास्क नहीं पहने रहेंगे उनसे १ हजार रुपया जुर्माना वसूलने का प्रावधान किया गया है. ये सारे आदेश जारी रहेंगे.

ठाणे जिले में बेकाबू हो रहा कोरोना, फिर ७ दिन तक पूर्ण लॉकडाउन

जिलाधिकारी ने जारी किया आदेश 

 ठाणे। ठाणे जिले में कोरोना वायरस के संक्रमण पर काबू पाने के लिए २ जुलाई से ११ जुलाई के दौरान पूर्ण लॉकडाउन था. लेकिन ठाणे जिले में बढ़ते कोरोना मरीजों को देखते हुए जिलाधिकारी राजेश नार्वेकर ने लॉक डाउन की अवधि ७ दिन के लिए और बढ़ा दी है. यानि ठाणे जिले में मनपा क्षेत्र छोड़कर नगर परिषद और नगर पंचायत क्षेत्र में लॉक डाउन १९ जुलाई की रात १२ बजे तक लागू रहेगा. अपने आदेश में जिलाधिकारी नार्वेकर ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के आदेश पर मिशन बिगिन अगेन के तहत इसकी समय सीमा ३१ जुलाई २०२० तक के लिए बढ़ा दी गई है. लेकिन स्थानीय स्तर पर परिस्थिती का आकलन कर पहले २ जुलाई की रात १२ बजे से ११ जुलाई की रात १२ बजे तक लॉक डाउन का आदेश जारी किया गया था. लेकिन ठाणे जिले में बढ़ते कोरोना मरीजों को देखते हुए अब लॉक डाउन की अवधि ७ दिन के लिए बढ़ा दी गई है. यानि ठाणे जिले में मनपा क्षेत्र छोड़कर नगर परिषद और नगर पंचायत क्षेत्र में लॉक डाउन १९ जुलाई की रात १२ बजे तक लागू रहेगा. आदेश में कहा गया है कि पूर्व में दिए आदेश के तहत इस अवधि में गैरजरूरी सेवाएं नहीं संचालित होंगी और न ही वाहनों को आने जाने दिया जाएगा, मेडिकल और जरूरी यात्रा को इससे छुट प्राप्त होगी. जरूरी वस्तुओं और नष्ट होने वाली चीजों की ढुलाई की इजाजत होगी.

मुंबई में कोरोना से एक और पुलिसकर्मी की मौत




मुंबई। कोरोना वायरस संक्रमण के कारण कल मुंबई के एक अस्पताल में 41 वर्षीय पुलिस उप निरीक्षक की मौत होने की खबर है. इस महामारी से अब तक मुंबई पुलिस के 45 कर्मियों की मौत हो चुकी है। एक अधिकारी ने कहा कि उप निरीक्षक विक्रोली पुलिस थाने में तैनात थे. वह ठाणे जिले में रहते थे. उनके परिवार में पत्नी और दो बच्चे हैं. गौरतलब हो कि पिछले 48 घंटे में राज्य में पुलिसकर्मियों में कोरोना वायरस के 222 नए मामले सामने आए हैं और तीन मौतें हुई हैं. कोरोना वायरस पॉजिटिव मामलों की कुल संख्या 5935 है, जिसमें 74 मौतें और 4715 ठीक हो चुके मामले शामिल हैं.

देर रात 15 मरीजों के मिलने से मचा हड़कंप


उल्हासनगर में कोरोना का कहर हुआ तेज



उल्हासनगर (नि.सं.)। काफी लम्बे समय तक कोरोना मुक्त रहा उल्हासनगर में कोरोना अब कहर बनकर टूटने लगा है, 27 मरीजों का उल्हासनगर के कोविड-19 अस्पताल (कैंप-4) में पहले से ही इलाज चल रहा था कि शुक्रवार देर रात को 15 नये मरीजों के मिलने की खबर से शहर में हड़कंप मच गया और लोगों की नीन्द हरामद हो गयी. सोशल मीडिया में यह खबर जंगल की आग की तरह फैल गयी और लोग खुद को असुरक्षित सा महसूस करने लगे। 15 नये मिले मरीजों का तुरंत ही इलाज शुरू कर दिया गया और उनकी स्थिति पर बारिकी से नजर रखने के साथ ही प्रशासन और पुलिस विभाग अब इन मरीजों के संपर्क में आये लोगों को क्वारंटाईन करने की दिशा में काम कर रहा है।

मिली जानकारी के अनुसार शुक्रवार देर रात करीबन 12 बजे उल्हासनगर में 15 नये कोरोना संक्रमित मरीजों के मिलने के बाद जहां प्रशासन सकते में आ गया वहीं डॉक्टरों की टीम ने इन मरीजों का इलाज शुरू कर दिया, इसके साथ ही मनपा प्रशासन और पुलिस विभाग ने इन 15 नये मरीजों के संपर्क में आये लोगों की पहचान शुरू कर दी है, ताकि उन लोगों को समय रहते कोरंटाईन कर कोरोना को उल्हासनगर में और अधिक फैलने से रोका जा सके। मिली जानकारी के अनुसार शुक्रवार देर रात जो 15 नये कोरोना मरीज मिले हैं उनकें 9 कोरोना मरीज सम्राट अशोक नगर से हैं, जबकि 5 में चोपड़ा कोर्ट और शांतिनगर के मरीजों का समावेश है, जबकि 1 मरीज गोल मैदान परिसर से मिला है। सूत्रों के अनुसार उल्हासनगर में इन नये 15 मरीजों के मिलने के साथ ही कोरोना मरीजों का आंकड़ा 42 हो गयी है, इन मरीजों में से हालांकि 11 बदलापुर और 3 कल्याण और 13 उल्हासनगर के हैं, इन सभी 42 मरीजों का इलाज कैंप-4, मुख्य बाजार स्थित सरकारी प्रसुति गृह यानी कोविड-19 अस्पताल में इलाज चल रहा है।

उल्लेखनिय है कि कोरोना प्रभावित अब तक चार मरीज स्वस्थ हुए हैं तथा एक ८७ वर्षीय वृद्ध महिअ की मौत हो चुकी है। बताते चलें कि कैंप निवासी 19 मार्च को कोरोना की पहली मरीज शहर में पायी गई जो 26 मार्च को स्वस्थ होकर घर वापस आ गई वो अब तक ठीक है, उल्हासनगर-5 निवासी धारावी के क्लिनिक में कार्यरत युवक जिसे कोरोना हुआ था वो भी स्वस्थ होकर घर वापस आ गया है। उल्हासनगर-4 निवासी मुंबई के भाभा अस्पताल में कार्यरत कोरोना ग्रस्त नर्स भी ठीक होकर घर वापस आ गई है। साथ ही उल्हासनगर-4 मुंबई के येलोगेट पुलिस थाना में कार्यरत कोरोना ग्रस्त पुलिसकर्मी भी स्वस्थ होकर घर लौटा है। उपरोक्त चारों कोरोना मरीज अब तक ठीक हो चुके हैं। जबकि उल्हासनगर-3 फाल्वर लाईन, इमली पाड़ा परिसर निवासी एक 87 वर्षीय वृद्ध महिला की मौत हो चुकी है। गौरतलब हो कि उल्हासनगर-4 परिसर कोरोना का हॉटस्पॉट बनता जा रहा है यहां सबसे अधिक 12 कोरोना के मरीज मिले हैं। कैम्प 4 संभाजी चौक निवासी पुलिस कर्मी के चार परिजनों का ईलाज अभी भी कोरोना अस्पताल में चल रहा है। साथ ही कैम्प 4 मराठा सेक्शन निवासी मुंबई के सायन में मेडिकल एजेंसी में कार्यरत युवक को कोरोना हुआ था उसके बाद उसके संपर्क में आए उनके परिजनों सहित 4 लोग कोरोना बाधित हो गए। उल्हासनगर-3 में फाल्वर लाईन में जिस वृद्ध महिला की मौत हुई उसका 60 वर्षीय पुत्र कोरोना पॉजिटिव पाया गया. वहीं कैम्प 3 में ही शांतिनगर रोड, चोपड़ा ब्राह्मणपाड़ा में एक पुलिस कर्मी कोरोना पॉजिटिव पाया गया।

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महाराष्ट्र में १० जून तक आ सकता है १०वीं और १२वीं का रिजल्ट


आंसरशीट जांचने के लिए महाराष्ट्र सरकार ने लॉकडाउन से दी छूट


मुंबई। महाराष्ट्र सरकार ने 10वीं और 12वीं की उत्तरपुस्तिका जांच में लगे शिक्षक, मॉडरेटर और अधिकारियों को लॉकडाउन के दौरान यात्रा करने की छूट दी है.राज्य में स्कूल और जूनियर कॉलेज बंद हैं, इसलिए बड़ी संख्या में १०वीं और १२वीं की उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन नहीं हो पा रहा है. स्कूली शिक्षा विभाग की एडिशनल चीफ सेक्रेटरी वंदना कृष्णा ने राज्य के सभी आयुक्त और जिला अधिकारियों से शिक्षकों को लॉकडाउन में मूल्यांकन के लिए विशेष छूट देने के लिए कहा था.शिक्षा विभाग की तरफ से जारी सर्कुलर में कहा गया था कि १०वीं और १२वीं की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन करने के लिए इससे जुड़े लोगों को शर्तों के साथ आने-जाने की छूट दी जाएगी. सर्कुलर के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत 10 जून तक १०वीं और १२वीं का नतीजा घोषित हो जाना चाहिए. इसीलिए उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन होना जरूरी है. इसीलिए जो उत्तर पुस्तिकाएं पोस्ट ऑफिस में पड़ी हैं, उनको स्कूल और जूनियर कॉलेज तक पहुंचाने की अनुमति दी जाए. इसके बाद इन उत्तर पुस्तिकाओं को जांचने के लिए शिक्षकों के घरों तक पहुंचाने के लिए संबंधित शिक्षक अथवा कर्मचारी की आईडी कार्ड को देखकर आने-जाने को छूट दी जाए.

- 10 जून तक आ सकता है रिजल्ट

महाराष्ट्र में करीब 15 लाख छात्रों ने 10वीं और 12वीं क्लास की परीक्षा दी थी. सरकार के इस कदम से उनको काफी राहत मिलेगी. सभी छात्र रिजल्ट का इंतजार कर रहे हैं. बहरहाल सरकार के इस फैसले से अब १० जून तक 10वीं और 12वीं का रिजल्ट आने की संभावना है.